Friday, 10 February 2012

वैलेंटाइन डे


वैलेंटाइन डे आने वाला है , और तैयारियां भी अपने आखिरी पड़ाव में है, भारत में वैलेंटाइन डे ही एक ऐसा आगत(जो बाहर से आया हो) पर्व है जो हर बार रोचक पहलू लेकर आता है |


वैसे तो वैलेंटाइन का मतलब अंग्रेजी  शब्दकोष  में [ एक आदम के जमाने की जो अब तक मेरे पास है ] "प्रेम पत्र " होता है | इस पर्व का इतिहास बताता है, कि यह पर्व "संत श्री वैलेंटाइन की यादगार में मनाया जाता है, तो अब मेरे हिसाब से यह भी संभव हो सकता है कि संत श्री वैलेंटाइन अपने जमाने में डाक विभाग में रहे हों और प्रेम रुपी डाक वही बांटते रहे हों ; खैर उनका यह सम्बन्ध  नाम के आधार पर जोड़ा जा रहा था, और नाम के अनुरूप ही कार्य हो, यह जरूरी नहीं|


वैलेंटाइन डे का मुख्य उत्सव तो १४ फरवरी को मनाया जाता है लेकिन नियत तिथि से एक सप्ताह पूर्व ही कुछ प्रायोजित पर्व भी मानाने का रिवाज है |

जिनके कई सोपान होते हैं प्रथम सोपान में "गुलाब भेंट, " द्वितीय सोपान में "प्रस्ताव भेंट," और तृतीय सोपान में "चाकलेट भेंट " आदि होते हैं |

मुख्य दिवस अर्थात १४ फरवरी का दिन होता है "जुगाड़ दिवस "|

लोग अपनी अपनी जुगाड़ें फिट करने में व्यस्त रहते हैं, जिनकी नहीं होती उनकी भी हो जाती हैं, और जिनको पुरानी जुगाडें अब रास नहीं आ रही होती हैं, वे बदल भी सकते हैं |

कुलमिलाकर यह पर्व युवाओं को "नवता" करता है और वे नवयुवक बन जाते हैं |

इस पर्व के आयोजन पर कई "दल" रंग खो देते हैं और "बदरंग" हो जाते हैं, जिससे कहीं कहीं आयोजन फीका हो जाता है लेकिन आयोजन  बड़े   ही जोर शोर से चलता रहता है |

आखिर होने वाले को कौन रोक पाता है |